➤ नवंबर से हिमकेयर की जगह नई स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होने की तैयारी
➤ पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक निशुल्क उपचार, 280 दवाएं और सभी सर्जरी कवर
➤ एआई से मेडिकल बिल और क्लेम की जांच, फर्जी दावों पर होगी कार्रवाई
शिमला। हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर की जगह नवंबर से नई स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होने जा रही है। नई योजना के तहत प्रदेश के पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने योजना को लागू करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर लिया है और अब इसके संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
नई स्वास्थ्य बीमा योजना में पहले की तुलना में उपचार का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें 280 आवश्यक दवाओं को शामिल किया गया है। इसके साथ ही सर्जरी से संबंधित सभी तरह के ऑपरेशन को भी बीमा कवर में लाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य पात्र परिवारों को गंभीर बीमारी, उपचार और ऑपरेशन के दौरान होने वाले बड़े खर्च से राहत देना है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से योजना के संचालन के लिए अगले सप्ताह बीमा कंपनियों से आवेदन मांगे जाने की तैयारी है। इसी महीने कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित किए जाने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। आवेदन आने के बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
गंभीर बीमारी और ऑपरेशन के बड़े खर्च से मिलेगी राहत
नई योजना के लागू होने से पात्र परिवारों को अस्पताल में होने वाले बड़े उपचार खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है। गंभीर बीमारी या ऑपरेशन की स्थिति में मरीज और उसके परिवार पर इलाज का आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। सरकार ने नई स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से ऐसे परिवारों को कैशलेस और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा है।
योजना के तहत उपचार का दायरा बढ़ाने के साथ ही दवाओं और ऑपरेशन को भी कवरेज में शामिल किया गया है। 280 आवश्यक दवाओं को योजना में शामिल किया जाना इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहीं सर्जरी से संबंधित सभी तरह के ऑपरेशन को बीमा कवर में लाने का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने नई स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके संचालन और निगरानी से संबंधित एसओपी तैयार कर ली है। अब बीमा कंपनियों के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मेडिकल बिल और क्लेम की जांच करेगा एआई सिस्टम
नई स्वास्थ्य बीमा योजना की सबसे खास बात इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल होना है। योजना के तहत अस्पतालों की ओर से भेजे जाने वाले मेडिकल बिल और मरीज के उपचार से संबंधित रिकॉर्ड की तकनीकी जांच की जाएगी।
एआई तकनीक के माध्यम से मेडिकल बिलों और बीमा क्लेम का विश्लेषण किया जाएगा। अस्पताल में मरीज को दिए गए उपचार और उसके आधार पर भेजे गए बिल के रिकॉर्ड का तकनीकी स्तर पर मिलान किया जाएगा। इससे ऐसे दावों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिनमें किसी तरह की अनियमितता या असामान्य पैटर्न दिखाई देता है।
योजना में एआई सिस्टम के जरिए संदिग्ध पैटर्न, एक जैसे या असामान्य बिल, फर्जी बिल और उपचार से मेल नहीं खाने वाले दावों की पहचान करने का प्रावधान किया जा रहा है। ऐसे क्लेम सामने आने के बाद उनकी आगे जांच की जाएगी।
फर्जी क्लेम करने वालों पर कार्रवाई का भी प्रावधान
नई व्यवस्था में फर्जी बिल बनाकर बीमा राशि हासिल करने की कोशिश करने वाले अस्पतालों या अन्य संबंधित लोगों पर कार्रवाई का प्रावधान भी किया जा रहा है। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सजा और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।
एआई आधारित जांच व्यवस्था का उद्देश्य योजना में होने वाली वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाना और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकना है। तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्ध दावों की पहचान होने के बाद संबंधित क्लेम की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि योजना के तहत उपलब्ध सरकारी धन का इस्तेमाल पात्र मरीजों के वास्तविक उपचार पर ही हो और गलत दावों के माध्यम से राशि हासिल करने की कोशिशों को रोका जा सके।
अस्पतालों के पैनल से लेकर क्लेम निपटाने तक पूरी व्यवस्था होगी शामिल
नई स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत केवल उपचार और बीमा कवरेज ही नहीं, बल्कि अस्पतालों के पैनल में शामिल होने, क्लेम निपटाने, दवाओं और ऑपरेशन के कवरेज से जुड़ी व्यवस्था भी शामिल की गई है।
इसके साथ ही योजना के संचालन की निगरानी व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने योजना को लागू करने से पहले इससे जुड़े नियम और प्रक्रियाएं तैयार कर ली हैं। अगले सप्ताह बीमा कंपनियों से आवेदन मांगे जाने के बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रदेश सरकार की ओर से इसी महीने कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित करने की तैयारी है। बीमा कंपनियों के चयन के बाद योजना को नवंबर से लागू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
नई योजना में एक ओर पात्र परिवारों के लिए उपचार की सीमा को 10 लाख रुपये तक रखा गया है, वहीं दूसरी ओर 280 आवश्यक दवाओं और सभी तरह की सर्जरी को कवरेज में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। दूसरी तरफ एआई तकनीक के इस्तेमाल से क्लेम की जांच और निगरानी को तकनीकी आधार देने की तैयारी है।



